Sponsor

recent posts

Kya chai peene ke bhi fayde hote hai janiye chai peene ke fayde - realhealthpower

चाय पीने के फायदे 
Kya chai peene ke bhi fayde hote hai janiye chai peene ke fayde

दोस्तों चाय के फायदे और नुक्सान को समझने के लिए पहले हमें चाय बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली चीजों के बारे में समझना होगा वैसे तो चाय बनाने में चीनी और दूध का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन जिस इम्पोर्टेन्ट चीज का इस्तेमाल किया जाता है। वह हे चाय पत्ती और दोस्तों सबसे पहले हमारे लिए यह समझना जरूरी है की चाय पत्ती में नुक्सान पहुँचाने वाले कौन कौन सी चीजे मौजूद होती है। दोस्तों चाय पत्ती में मौजूद जो चीजे शरीर को फायदा पहुंचती है वो है इसमें पाए जाने वाला पॉलीफिनॉल फ्लेवोनॉइड और दूसरे एंटीऑक्सीडेंट्स जिस से की चाय का सही मात्रा में और सही समय पर इस्तेमाल करने से यह शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को घटा ता है। उम्र की प्रोसेस को स्लो डाउन करता है। और मिमुनिटी पावर को बढ़ाने के साथ-साथ यह शरीर को कई तरह के कैंसर सेल से प्रोटेक्ट करने में काफी हद तक मदद करता है। साथ ही चाय में एल-थिआनिन नामक एसिड मौजूद होता है जो की ब्रेन को रिलेक्स करके फोकस करने की समता को कुछ देर के लिए इम्प्रूव कर देता है। और ख़ास कर जिन लोगो को शर्दी, जुकाम या फिर गले में खरास जैसी प्रॉब्लम होती है उन्हें चाय में तुलसी और अदरक जैसी चीजों को डाल कर सेवन करने से उनकी हालत में काफी सुधर आता है। 

चाय पीने के नुकसान 

दोस्तों  इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है की जो लोग सबसे ज्यादा चाय पीते है। उन्हें इस बात का बिलकुल भी अंदाजा नहीं होता की दिन भर में कितनी चाय पीना चाहिए। और चाय पीने का सही समय क्या होना चाहिए और यही वजह है चाय का गलत मात्रा में और गलत समय पर इस्तेमाल करने से ये शरीर को धीरे-धीरे भारी नुकसान भी पंहुचा सकता है। क्योंकि चाय के अंदर जो शरीर के अंदर नुक्सान पहुँचाने वाली चीज होती है। वो है इसके अंदर टेनिन कैफीन चाय में मौजूद टेनिन शरीर में आयरन को अबसोब होने से रोकता है। और जिसकी वजह से चाय का ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करने से शरीर में धीरे-धीरे आयरन की कम्मी होने लगती है। और शरीर में आयरन की कमी होना इतना कॉमन है। की सिर्फ हमारे हमारे भारत में लगभग 1 करोड़ लोग आयरन की कमी के शिकार हो जाते है। इसलिए इस बात को भी नजरअंदाज बिलकुल भी नहीं करना चाहिए साथ ही चाय पी जाने वाली गलतियों की वजह से अपचन एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्या भी सुरु होने लगती है। इसके अलावा चाय में जो कैफीन नामक पदार्थ होता है उसका हमारे शरीर पर कई तरह से बुरा असर पड़ता है। क्योंकि कैफीन एक स्लो एडिक्टिव ड्रग की तरह काम करता है। जिसका असर सीधा दिमाग पर होता है। इसलिए ज्यादा चाय पीने वाले लोगों को धीरे-धीरे इसकी लत लगने लगती है। और यह वजह है जब किसी भी व्यक्ति को चाय पीने की आदत हो जाये तो उन्हें वक्त पर चाय न मिलने से सर दर्द बेचैनी और चिड़चिड़ापन महसूस होने लगता है। और इतना ही नहीं अगर चाय का ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करने से इसमें मौजूद कैफीन की वजह से स्ट्रेस, इंसाइटी, सीने में जलन, दिल की धड़कन का तेज होना, रातो को जल्दी नींद न आने की समस्या और यहा तक की प्रेग्नेंसी के दौरान भी कई तरीके की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन ऐसा तब होता है जब कोई व्यक्ति ज्यादा मात्रा में या फिर गलत समय पर चाय का सेवन करते है। 

चाय बनाने का सही तरीका 

दोस्तों चाय बनाने का सही तरीका पता होना इसलिए जरूरी है। क्योंकि जब चाय बनाने में ही गलती होती है तो चाय पीने का तरीका सही होने के बावजूद भी उसका शरीर को सिर्फ नुक्सान ही पहुँचता है। और चाय बनाने में जो हमारे यहाँ सब से पहली गलती की जाती है वह है। चाय को बहुत देर तक पकाना चाय को जितनी ज्यादा देर तक पकाया जाता है उसमे फायदा पहुँचाने वाले चीज उतनी ही कम होती जाती है। और शरीर को नुक्सान पहुँचाने वाले टॉक्सिन्स उतने ही ज्यादा बढ़ते जाते है। इसलिए बेहतर है की चाय को लो टेम्प्रेचर पर कम से कम समय के लिए उबालना चाहिए और उस से भी अच्छा तरीका यह है। की सबसे पहले सिर्फ पानी को अच्छी तरह गर्म करले और उसके बाद उस पानी में चाय पत्ती और बाकी सभी चीजों को डालकर सेवन करना चाहिए। इसमें एक बात का ख्याल रखना जरूरी है। की बाहर की चाय से जहा तक हो सके परहेज ही करना चाहिए। क्योंकि बहार होटल पर बनाए जाने वाले चाय में अक्सर ही एक ही पत्ती को बार-बार इस्तेमाल किया जाता है। जिस से की चाय में जेहरीले पदार्थ की मात्रा बढ़ती है। जो की शरीर को कई गुना ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है। हलाकि अगर आप दूकान या होटल वाले को बोलकर नई पत्ती से चाय बनवाते है तो ऐसी चाय का सेवन किया जा सकता है। और दोस्तों चाय में चीनी मिलाने से चाय के फायदे कम हो जाते है। और उसके नुकसान भी कई गुना बढ़ जाते है। क्योंकि चाय में चीनी की मात्रा जितनी ज्यादा होती है। वह शरीर को भी उतना ही ज्यादा नुक्सान पहुंचता है। चीनी ब्लड सुगर को बढ़ाता है। और शरीर में चर्बी को बढ़ाने के साथ-साथ चेहरे और शरीर पर एक्ने पिम्पल्स भी पैदा करने लगता है। साथ ही चीनी भी कैफीन की तरह एडिक्टिव होने की वजह से यह चाय की आदतों को और भी कई ज्यादा बड़ा देता है। अगर आपको चाय में चीनी का इस्तेमाल करना ही है तो जहा तक हो सके कम से कम चीनी का ही इस्तेमाल करे। और उस से भी बेहतर यह है की चीनी की जगह मिश्री या फिर गुड़ का इस्तेमाल किया जाए और इनका भी आपको लिमिट में ही इस्तेमाल करना चाहिए।    

चाय कब पीना चाहिए 

दोस्तों चाय का सेवन दिन की सुरुवात और दिन के आख़िरत में बिलकुल भी नहीं करनी चाहिए। क्योंकि चाय पीने का सबसे गलत समय सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले का वक्त होता है। और ऐसा इसलिए क्योंकि इस समय चाय शरीर को ज्यादा नुक्सान पहुंचता है। सुबह खाली पेट चाय का सेवन करने से यह गैस, एसिडिटी और पाचन में गड़बड़ी पैदा करने लगता है। साथ ही सुबह के समय पेट पूरी तरह से खाली होने की वजह से यह शरीर में बहुत ही तेजी से एबसोब होता है। जिस से की चाय से होने वाले नुकसान भी बहुत तेजी से बढ़ने लगते है। और रात को चाय का सेवन करने से यह हमारे ब्रेन में स्लीपिंग हार्मोन को रिलीज होने से रोकता है। जिस से समय के साथ-साथ जल्दी नींद न आने की समस्या सुरु होने लगती है। इसलिए यह नहीं भूले की रात होती ही है। शरीर को आराम पहुँचाने के लिए और अगर आप सिर्फ अपना काम पूरा करने के लिए चाय पी पी कर जबरदस्ती खुद को जगाते है। तो भविष्य में आपको अपनी सेहत गवा कर इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसलिए बेहतर यही है की रात को जल्दी सोए और सुबह फिर जल्दी उठ कर अपने काम को पूरा कर ले लेकिन कभी भी खुद को जगाने के लिए चाय का सहारा बिलकुल भी नहीं लेना चाहिए।  

चाय पीने का सही समय 

Kya chai peene ke bhi fayde hote hai janiye chai peene ke fayde

दोस्तों अगर आप चाय पीते है तो इसका आपको सुबह खली पेट इस्तेमाल न करके नास्ते या खाने के आधे से एक घंटे बाद सेवन करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से यह धीरे एबसोब होता है। और इस से होने वाले नुकसान भी काफी हद तक कम हो जाते है। 

दिन भर में कीतनी चाय पीनी चाहिए 

दोस्तों वैसे तो चाय का कभी-कभी सेवन करने में कोई प्रॉब्लम नहीं है। क्योंकि अगर आप हफ्तों चाय का सेवन नहीं करते और अगर किसी दिन एक कप या दो कप भी चाय का सेवन करते है। तो इस में कोई प्रॉब्लम की बात नहीं है। क्योंकि कभी कभी चाय का सेवन करने से इसकी जल्दी आदत नहीं होती और इसका शरीर को भी नुकसान भी नहीं होता लेकिन प्रॉब्लम तब होती है। जब कोई व्यक्ति अपनी डेली रूटीन में चाय को शामिल कर लेता है। और फिर पूरी तरह से चाय पर ही डिपेंड हो जाता है। तो ऐसे में चाय पिने की आदत भी बढ़ती जाती है। और तब व्यक्ति दिन भर में जितनी चाय का सेवन करता है। वह उतना ही ज्यादा चाय की आदतों में गिरफ्तार हो जाता है। इसलिए जिन लोगो को अभी तक चाय की ज्यादा आदत नहीं है। तो इसे अपनी आदतों में बिलकुद भी शामिल नहीं करना चाहिए। और जो लोग पहले से ही बहुत ज्यादा चाय की आदतों का सीकर हो चुके है। उन्हें सबसे पहले चाय की मात्रा को आधी कर देना चाहिए जिसका मतलब है। अगर आप चार कप चाय पीते है तो दो कप करदे और अगर दो कप चाय पीते है तो एक कप करदे और साथ ही बिच-बिच में कभी-कभी एक या दो दिन बिना चाय पिए भी गुजरे ताकि चाय की आदतों पर कंट्रोल किया जा सके। दोस्तों मेरा कहने का मकसद यह नहीं है की आप चाय का सेवन करना बंद कर दे। लेकिन आपको इसकी क्वांटिटी कम करने की कोसिस जरूर करना चाहिए।

अस्वीकरण: हम केवल शिक्षा के उद्देश्य से अपने दर्शकों को बीमारी, उपचार और दवाओं के बारे में सामान्य जानकारी प्रदान करने का एक साधन हैं। प्रदान की गई जानकारी का उपयोग आपके चिकित्सक के मार्गदर्शन के बिना किसी भी बीमारी या चिकित्सा स्थिति के निदान और/या उपचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए। कोई भी उपचार या दवा शुरू करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।


कोई टिप्पणी नहीं:

top navigation

Blogger द्वारा संचालित.